Wednesday, 31 October 2012

ख्वाबो में बसाऊ

बिखरे बादलो से जुल्फे सजाऊ,
सूरज का माथे पे टिका लगाऊ.
बागो की खुसबू से तुम्हे महेकाऊ,
आ में तुझे ख्वाबो में बसाऊ .
 

Wednesday, 24 October 2012

वक्त से तुटकर

वक्त से तुटकर लम्हों में फसा हूँ ,
 
तुम से बिछड़कर यादो मे बसा हूँ l